पीपल के पेड पर भूत? Pipal Par Bhoot ?
पीपल के पेड पर भूत? Pipal Par Bhoot ?
दोस्तों यह अंधविश्वास हमारे समाज की मानसिकता और पुरानी जीवनशैली को समझने का एक बहुत ही बेहतरीन उदाहरण है। दोस्तों ज्यादातर पेड़ दिन में प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन छोड़ते हैं और रात में श्वसन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। बरगद, आम या नीम जैसे विशाल पेड़ों के नीचे रात में हवा का बहाव रुक जाता है और का भारी आवरण बन जाता है। इस गैस के कारण इंसान को घुटन, छाती पर भारीपन और घबराहट महसूस हो सकती है। इसे ही पुराने जमाने के लोग "भूत का छाती पर बैठना" समझ लेते थे।
विज्ञान का सबसे बड़ा रोचक तथ्य यह है कि पीपल (Ficus religiosa) उन गिने-चुने पेड़ों में से एक है, जो रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है! पीपल में एक खास तरह की प्रक्रिया होती है जिसे Crassulacean Acid Metabolism (CAM) कहते हैं। इसका मतलब वैज्ञानिक नजरिए से पीपल के नीचे रात में घुटन नहीं होनी चाहिए! तो फिर सबसे ज्यादा भूत पीपल पर ही क्यों माने गए? इसका कारण विज्ञान की जगह इसके भौतिक आकार और मनोविज्ञान में छिपा है।
दोस्तों पीपल के पत्तों की बनावट बहुत खास होती है। आगे से इनकी नोक एक लंबी पूंछ जैसी होती है । इस बनावट के कारण, जब रात के सन्नाटे में हल्की सी भी हवा चलती है, तो पत्ते आपस में टकराकर जोर-जोर से फड़फड़ाने लगते हैं। अंधेरे में यह आवाज ऐसी लगती है जैसे कोई फुसफुसा रहा हो, रो रहा हो ।
दूसरा कारण पीपल का पेड़ बहुत विशाल होता है और इसकी उम्र सैकड़ों साल होती है। इसके घने अंधेरे में उल्लू, चमगादड़ और सांप अपना बसेरा बना लेते हैं। रात के समय अचानक किसी चमगादड़ का उड़ना या उल्लू की आवाज आना किसी भी इंसान के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी था।
तीसरा कारण पुराने समय में पीपल के पेड़ अक्सर गांवों के बाहर, चौराहों पर, या श्मशान घाट के आस-पास लगाए जाते थे, क्योंकि इन्हें पवित्र माना जाता था और यह 24 घंटे ऑक्सीजन देते थे। श्मशान के पास होने के कारण लोगों के दिमाग में यह बात बैठ गई कि मरने वालों की आत्माएं इसी पेड़ पर जाकर बैठ जाती हैं।
दोस्तों पुराने समय में बिजली नहीं होती थी। रात के अंधेरे में अगर कोई व्यक्ति (खासकर बच्चे) गांव के बाहर किसी विशाल पेड़ के पास जाए, तो उसे सांप-बिच्छू के काटने या जंगली जानवर के हमले का डर था। सीधे शब्दों में "वहां मत जाओ, सांप काट लेगा" कहने से शायद लोग न मानते। लेकिन जब यह कह दिया गया कि "रात को पीपल पर ब्रह्मराक्षस या भूत जागते हैं," तो डर के मारे किसी ने उस पेड़ के पास जाने की हिम्मत ही नहीं की।
परन्तु वेद शास्त्रों में दोस्तों ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं मिलता है कि पीपल पर भूत प्रेत का निवास होता है ।