Billi Ka Rasta Kaatna ...
बिल्ली ने रास्ता काट दिया है थोड़ी देर रुक जाओ, क्या आपने भी ऐसा किया है ? और यदि आप नहीं रुके तो क्या आपके साथ कोई अपशकुन हुआ ? क्या बिल्ली के रास्ता काटने से कोई अपशकुन होता है ? हमारे शास्त्रों में इसके बारे में क्या लिखा है ?
दोस्तों मनोविज्ञान में एक स्थिति होती है जिसे 'कन्फर्मेशन बायस' कहते हैं। इसका मतलब है कि हमारा दिमाग सिर्फ उसी चीज को याद रखता है, जो हमारे डर या विश्वास को सच साबित करती है। अगर किसी दिन बिल्ली रास्ता काटे और आपके साथ कुछ भी बुरा न हो तो आप उसे भूल जाते हैं। लेकिन अगर बिल्ली रास्ता काटे और इत्तेफाक से उस दिन आपकी गाड़ी पंचर हो जाए या बॉस से डांट पड़ जाए, तो आपका दिमाग तुरंत कहेगा- "देखा! बिल्ली ने रास्ता काटा था, इसीलिए ऐसा हुआ।
Billi Ka Rasta Kaatna । बिल्ली के रास्ता काटने का दूसरा कारण -
दोस्तों बिल्ली का रास्ता काटना भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी माना जाता है, आइए जानते हैं इसका कारण । पहले लोग बैलगाड़ी या घोड़ों से यात्रा करते थे। जंगल के रास्ते में जब कोई जंगली बिल्ली (शेर, चीता या जंगली बिल्ली) रास्ता काटती थी, तो जानवर डर कर रुक जाते थे। यात्रियों को थोड़ी देर रुकना पड़ता था ताकि उनके वाहन वाले जानवर शांत हो जाएं।
दूसरा कारण जब कोई जंगली जानवर रास्ता काटता था, तो इसका सीधा मतलब था कि आस-पास कोई शिकारी है। ऐसे में समझदारी इसी में थी कि थोड़ी देर रुक जाया जाए, ताकि वह जानवर वहां से चला जाए और बैल या घोड़े भी शांत हो जाएं। यह कोई 'अपशकुन' नहीं था, बल्कि जान बचाने की एक बेहद जरूरी 'सावधानी' थी।दोस्तों आज समय के साथ जंगल खत्म हो गए, कच्चे रास्तों की जगह पक्की सड़कों ने ले ली, और बैलगाड़ी की जगह कार-बाइकों ने ले ली। जंगली बिल्लियों (Big Cats) की जगह हमारे आस-पास रहने वाली छोटी घरेलू बिल्लियों ने ले ली। लेकिन लोगों के दिमाग में "बिल्ली दिखे तो रुक जाओ" वाला नियम जस का तस बसा रहा।
धीरे-धीरे इस नियम में धार्मिक और ज्योतिषीय डर भी मिला दिए गए। कुछ जगहों पर बिल्ली को 'राहु' (Rahu) ग्रह की सवारी मान लिया गया, जिसे दुर्घटना और बाधाओं का प्रतीक माना जाता है। पश्चिमी देशों से यह अंधविश्वास भी आ गया कि 'काली बिल्ली' चुड़ैलों का रूप होती है या दुर्भाग्य लाती है।परन्तु इसका निर्देश वेद शास्त्रों में कहीं भी नहीं मिलता है । यदि आप भी किसी अंधविश्वास अथवा प्राचीन परम्परा के बारे में जानना चाहते हैं तो कमेंट बोक्स में बताइए ।